कोरोना संकट में नहीं होगी पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी, पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने दिलाया भरोसा

कोरोना संकट के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर लोगों के मन में तमाम सवाल हैं, लेकिन सरकार ने कहा है इस बारे में परेशान होने की जरुरत नहीं है।

Dharmendra Pradhan
केंद्रीय पेट्रोलियम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संकट की इस घड़ी में हर हालत से निपटने की तैयारी कर ली है 

मुख्य बातें

  • कोरोना की वजह से आशंका जताई जा रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल आदि की कमी ना हो जाए
  • पेट्रोलियम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संकट की इस घड़ी में इससे निपटने की तैयारी की
  • मंत्रालय ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के जारी संकट के बीच लोगों से लॉकडाउन का पालन सही से करने की अपील की जा रही है ताकि इसके खतरे को रोका जा सका वहीं कोविड-19 की वजह से आशंका जताई जा रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल आदि की कमी ना हो जाए। लेकिन इसे सरकार ने निराधार बताया है। 

देश में कोरोना संकट के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पर जरा भी असर नहीं पड़ेगा, केंद्रीय पेट्रोलियम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संकट की इस घड़ी में हर हालत से निपटने की तैयारी कर ली है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

इस मौके उन्होंने COVID-19 मानवीय आपदा के समय पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ दिन रात इसकी आपूर्ति में जुटे कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े उपायों की न सिर्फ जानकारी ली, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों को देश की सेवा में जुटे ऐसे कर्मचारियों के जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए हर मुमकिन उपाय करने के भी निर्देश दिए हैं।

मीटिंग में दिखी सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को लेकर उनके सहयोगी किस तरह गंभीर हैं, इसका एक नज़ारा पेट्रोलियम मंत्रालय की मीटिंग में भी देखने को मिला।

अमूमन दर्जनों अधिकारियों की मौजूदगी में होने वाली मंत्रालय की बैठक सिर्फ कुछ ही वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई. जबकि केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर अन्य वरिष्ठ अधिकारी डिजिटल माध्यम से मीटिंग में शिरकत कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक उपक्रमों ने कोरोना आपदा के दौरान श्रमिकों और दैनिक वेतनभोगियों के हित में कई अहम कदम उठाए हैं।

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