Life Insurance Tips: कम उम्र ही क्यों खरीद लेना चाहिए लाइफ इंश्योरेंस? इस तरह से चुनें सही पॉलिसी

बिजनेस
Updated Dec 23, 2019 | 10:48 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Life Insurance Tips: लाइफ इंश्योरेंस कब और कौन सा खरीदना चाहिए, ये हमेशा से एक चुनौती भरा फैसला रहा है। कम उम्र में लाइफ इंश्योरेंस खरीद लेने के अपने कई फायदे हैं।

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Life Insurance Tips: कम उम्र ही क्यों खरीद लेना चाहिए लाइफ इंश्योरंस  |  तस्वीर साभार: BCCL

करियर की उधेड़बुन से लेकर स्टूडेंट लोन चुकाने की जद्दोजहद और फिर रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने की चिंता – आज की युवा पीढ़ी को कुछ अलग ही आर्थिक चुनौतियां पेश आ रही हैं। लेकिन इंश्योरेंस एक ऐसी चीज है जिसे खरीदने के फैसले को युवाओं द्वारा हमेशा बाद के लिए टाल दिया जाता है। आमतौर पर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब उम्र कम होती है, तो आपको अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों से जूझने में ही सारा वक्त निकल जाता है और भविष्य में क्या होगा इस बारे में सोचने का वक्त ही नहीं मिलता।

दरअसल, आर्थिक मामलों की बात आने पर युवाओं की प्राथमिकता सूची में लाइफ इंश्योरेंस शामिल नहीं होता क्योंकि वो इसका असली उद्देश्य नहीं समझते। उन्हें लगता है कि अभी लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह तो काफी बाद का काम है। या फिर उन्हें लगता है कि यह तो उनके माता-पिता के खरीदने की चीज है, उनकी नहीं। इस सोच के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं और साथ ही आमतौर पर युवाओं में लाइफ इंश्योरेंस की जरूरत के बारे में जानकारी का अभाव भी जिम्मेदार होता है।

लेकिन यह समझना बेहद जरूरी है कि जिंदगी बहुत जल्दी गुजरती है। कुछ पल के लिए बैठकर आप यह सोचें कि अगर आपकी अचानक मौत हो जाए, तो क्या होगा। सोचिए कि आपके ना होने पर जब आपकी आमदनी बंद हो जाएगी, तो आपका परिवार क्या करेगा? आपने अगर कोई कर्ज लिया है तो आपके जाने के बाद आपका परिवार यह कर्ज कैसे चुकाएगा?

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(Getty Image)

अगर घर में कोई आपके ऊपर आर्थिक रूप से निर्भर है, तो आपकी यह जिम्मेदारी होगी कि आप उनकी जरूरतों को पूरा करें, फिर चाहे आप रहे या ना रहें। और ऐसा करने का एक सबसे आसान तरीका है लाइफ इंश्योरेंस खरीदना। इस लेख में हम आगे बताएंगे लाइफ इंश्योरेंस के बारे में कुछ मूल बातें, जो आपको इसके बारे में समझने में मदद करेंगी।

आपको लाइफ इंश्योरेंस क्यों खरीदना चाहिए?

किसी ने बिल्कुल ठीक कहा है, सही समय पर सही काम करें। आमतौर पर युवाओं की सोच यही होती है कि ‘कल कभी नहीं आता’ और इसलिए वो ऐसी चीजों पर हजारों रुपए खर्च कर डालते हैं जो जरूरी ही नहीं है।

लेकिन वास्तविकता यह है कि युवाओं को अपने और अपने परिवार के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए ताकि बाद की जिदगी बेफिक्र होकर बीते। ऐसे में लाइफ इंश्योरेंस खरीदना ही समझदारी वाला कदम है क्योंकि आगे चलकर आपके जीवन में अहम पड़ाव भी आएंगे, जैसे कि आप एक नया बिजनेस शुरू कर सकते हैं, शादी करेंगे और बच्चे के जन्म के साथ परिवार भी बढ़ेगा।

जब आप 20-22 की उम्र में अविवाहित होते हैं, तो शायद लाइफ इंश्योरेंस के बारे में सोचते भी नहीं हैं। अगर कभी इसका ख्याल आता भी है तो हमेशा मन में थोड़ा संदेह होता है कि – क्या मुझे 20-22 की उम्र में ही लाइफ इंश्योरेंस खरीदना चाहिए। इसका यही जवाब होगा कि अचानक आने वाली मुश्किलों के लिए आप कितने तैयार रहना चाहते हैं।

आमतौर पर आपके जीवन में 20 का दशक जब शुरू होता है, तो आपके पास हर जरूरत के लिए समाधान होते हैं और इस दौरान लाइफ इंश्योरेंस खरीदना आगे भविष्य में किसी भी मुश्किल समय के लिए सर्वोत्तम आर्थिक समाधान बनता है। अगर आपने अपने माता-पिता के साथ एक स्टूडेंट लोन के लिए सह-हस्ताक्षर किये हैं, तो भी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना जरूर चाहेंगे क्योंकि अगर आपकी कोई आर्थिक देनदारी है, तो इसका प्रभाव आपके माता-पिता पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही जब आप युवा और स्वस्थ होते हैं तो लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम काफी सस्ते होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आमतौर पर युवा जीवन में स्वास्थ्य अच्छा होता है और उन्हें किसी भी गंभीर बीमारी का खतरा भी कम होता है, जिससे इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए काफी कम मासिक प्रीमियम और उनमें कोई एक्सक्लुजन भी नहीं होता।

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अगर आप घर खरीदना चाहते हैं, शादी करने जा रहे हैं और फिर शादी के बाद बच्चे को जन्म देने की योजना है, तो भी लाइफ इंश्योरेंस खरीदना एक समझदारी वाला कदम होगा। हालांकि, अगर इंश्योरेंस खरीदने के रास्ते में अन्य खर्चे आ जाते हैं, तो भी युवा उम्र में लाइफ इंश्योरेंस खरीदना आपकी सोच से अधिक आसान और सस्ता होगा।

आपको किस प्रकार की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी चाहिए?

हो सकता है कि आपको यह समझ में आ जाए कि लाइफ इंश्योरेंस कब खरीदना ठीक होगा, लेकिन कौन सी पॉलिसी लेनी है यह फैसला करना काफी भ्रम और तनाव भरा काम हो सकता है। इसलिए आपको लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के बारे में मूल बातें समझना जरूरी है ताकि आप पूरी जानकारी के साथ पॉलिसी खरीदने का फैसला कर सकें।

अपनी निजी जरूरतों के हिसाब से आपके पास अलग-अलग प्रकार के इंश्योरेंस प्लान चुनने की आजादी होती है। इनमें आपको लाइफ कवर के साथ-साथ निवेश और बचत जैसे अवसर भी मिलते हैं। आप एक टर्म प्लान ले सकते हैं, जो बीमा सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की असमय मृत्यु के लिए कवरेज प्रदान करता है या फिर एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) ले सकते हैं, जिसमें निवेश की सुविधा भी मिलती है और आप यहां अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

टर्म लाइफ इंश्योरेंस अपने नाम की तरह बिल्कुल स्पष्ट है – यह आपको एक निश्चित अवधि के लिए कवरेज प्रदान करता है, जैसे कि 30 वर्ष, 40 वर्ष और 50 वर्ष। ऐसे प्लान में पॉलिसीधारक व्यक्ति पर आश्रित लोगों को डेथ बेनिफिट यानि मृत्यु लाभ तभी मिलता है, जब पॉलिसी अवधि की समाप्ति से पहले पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए। वहीं दूसरी तरफ होल लाइफ पॉलिसी में कोई निश्चित अवधि नहीं होती। यह पॉलिसी आपके पूरे जीवन तक एक्टिव रहती है। इसलिए आपको अपनी जरूरत समझनी होगी ताकि आप एक सही पॉलिसी का चुनाव कर सकें।

हालांकि, अधिकतर लोगों के लिए टर्म लाइफ इंश्योरेंस ही उचित रहता है। उदाहरण के लिए एक 30 वर्षीय स्वस्थ महिला को अगर रु. 1 करोड़ कवरेज वाली पॉलिसी खरीदनी है तो उसे लगभग रु. 600-800 प्रति माह का भुगतान करना होगा। इस पॉलिसी की अवधि 40 वर्ष होगी जबकि होल लाइफ कवरेज वाली पॉलिसी के लिए रु. 3000-4000 प्रति माह का प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।

इसके अलावा, आपके बच्चे के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए भी उपयुक्त प्लान मौजूद हैं। यह प्लान लंबी अवधि के होते हैं, जिन्हें आपके बच्चे की उच्च शिक्षा या शादी को मद्देनजर रखते हुए तैयार किया गया है। इसलिए, एक बच्चे के युवा माता-पिता अगर यह प्लान खरीदते हैं तो उन्हें अपने बच्चे के भविष्य के खर्चों के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। बस इतना ध्यान रहे कि सही प्रकार का लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के लिए यह जरूरी होगा कि सबसे पहले अपने आर्थिक लक्ष्य तय कर लें – लंबी अवधि और छोटी अवधि, दोनों के लिए।

आपको कितनी राशि की कवरेज चाहिए होगी?

अपने लिए सही प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी चुन लेने के बाद अब अपने लिए कवरेज राशि तय करने की बारी है। यह जाहिर सी बात है कि आज के कई युवा अपनी पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन भी लेते हैं। पिछले 30 वर्षों के दौरान कॉलेज की पढ़ाई का खर्च 220 प्रतिशत बढ़ चुका है। आज की पीढ़ी अपने पहले की सभी पीढ़ियों से अधिक शिक्षित है, लेकिन इसके लिए उन्होंने बड़ी कीमत चुकाई है और आगे भी चुकाते ही रहेंगे।

आगे भविष्य में अपना परिवार बसाने, घर खरीदने, करियर में आगे बढ़ने के लिए उनके सामने कई सारे सवाल खड़े हो सकते हैं और उनके सामने बड़े आर्थिक फैसले भी होंगे जो उनके भविष्य को प्रभावित करेंगे।

अपने लिए आवश्यक कवरेज राशि तय करते वक्त सबसे पहले अपनी सभी आर्थिक देनदारियां, जैसे स्टूडेंट लोन, क्रेडिट कार्ड के ऋण और अगर पहले से कोई संपत्ति गिरवी रखकर ऋण लिया गया है तो उसकी शेष बकाया राशि को जोड़ लें। अगर आप अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, तो आपको अपनी वार्षिक आमदनी का कम से कम तीन से पांच गुना राशि के बराबर का कवरेज लेने के लिए सोचना चाहिए।

यह फैसला आपके परिवार की आर्थिक जरूरतों पर निर्भर करेगा। इस आकलन के आधार पर अपने इंश्योरेंस की कवरेज राशि तय करें और इसके बाद ही पॉलिसी खरीदें। इसके बाद आप बाजार में उपलब्ध स्टैंडर्ड पॉलिसियों पर भी नजर डाल सकते हैं, जो रु. 10 लाख से लेकर रु. 20 करोड़ तक का कवरेज पेश करती हैं।

(इस लेख के लेखक, संतोष अग्रवाल, चीफ बिजनेस ऑफिसर - लाइफ इंश्योरेंस, पॉलिसीबाज़ार.कॉम हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।)

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