घर खरीदने से पहले जरूर जानें, कौन सा होम लोन रिपेमेंट प्लान आपके लिए है बेहतर

अगर आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके सामने कई होम लोन रिपेमेंट प्लान के विकल्प मौजूद हैं। इन प्लान्स की बदौलत आप अपने सपनों का घर आसानी से खरीद सकेंगे।

Home Loan Tips
Home Loan Tips: कौन सा होम लोन रिपेमेंट प्लान आपके लिए है बेहतर  |  तस्वीर साभार: Getty Images

एक घर खरीदना अक्सर हमारी जिंदगी भर का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट होता है और यह एक ऐसा सपना है जिसे अधिकांश लोग एक होम लोन की मदद के बिना पूरा नहीं कर पाते हैं। लोग आम तौर पर एक घर चुनते समय काफी खोजबीन करते हैं लेकिन उन्हें एक होम लोन प्रोडक्ट चुनते समय भी इसी तरह पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।

आपमें से कई लोगों को पता होगा कि हाल ही में आरबीआई ने बैंकों को अपने रिटेल लोन लेंडिंग रेट्स को किसी बाहरी बेंचमार्क जैसे रेपो रेट के साथ जोड़ने का निर्देश दिया था। इसके अलावा, लोन देने वाले बैंकों या कंपनियों को 3 महीने में कम से कम एक बार अपने रेट में बदलाव करने के लिए भी कहा गया है। सेंट्रल बैंक ने पिछले साल अक्टूबर में यह कदम उठाया था ताकि उधारकर्ताओं को महत्वपूर्ण पॉलिसी रेट में होने वाली कटौती का लाभ जल्दी से मिल सके। 

इसके बाद से, अधिकांश बैंकों ने अपने नए होम लोन के रेट्स को रेपो रेट से जोड़ना शुरू कर दिया है जबकि एक मल्टीनेशनल बैंक ने अपने लेंडिंग रेट्स को पहले ही 90 दिनों वाले ट्रेजरी बिल के साथ जोड़ दिया था। इसके अलावा, सिर्फ इंटरेस्ट के ढांचे के आधार पर ही नहीं बल्कि लोन के आकार, उसकी समय सीमा, रिपेमेंट सम्बन्धी विशेषताएं, इत्यादि के आधार पर भी बाजार में रेपो रेट से जुड़े लोन के अलावा कई तरह के होम लोन मौजूद हैं। 

उधारकर्ताओं को अपनी जरूरत के हिसाब से सही लोन प्रोडक्ट का पता लगाने के लिए उनके बारे में पूरी जानकारी हासिल करके ही कोई फैसला करना चाहिए। इसलिए, यदि आप एक होम लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना चाहिए क्योंकि इस आर्टिकल में हमने लोकप्रिय फ्लोटिंग रेट होम लोन प्रोडक्ट्स के अलावा कुछ मुख्य प्रकार के होम लोन के बारे में भी चर्चा की है।

1. फिक्स्ड रेट लोन

यदि आप एक शॉर्ट टर्म से लेकर मीडियम टर्म यानी 3 से 10 साल के लिए लोन लेना चाहते हैं तो एक फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट लोन में, आपको इंटरेस्ट रेट में होने वाले उतार-चढ़ाव की चिंता किए बिना आराम से एक फिक्स्ड ईएमआई देने की सुविधा मिल सकती है। अल्ट्रा-लॉन्ग लोन रिपेमेंट पीरियड यानी 20 से 30 साल के लिए, फ्लोटिंग रेट लोन ज्यादा बेहतर होते हैं क्योंकि रेट में होने वाला उतार-चढ़ाव लम्बे समय में एवरेज आउट हो जाता है।

जिससे इंटरेस्ट रेट से जुड़े रिस्क को कम करने में मदद मिलती है। शॉर्ट से मीडियम टर्म के लिए फिक्स्ड रेट लोन कुछ हद तक फायदेमंद होता है लेकिन एक बात याद रखें कि उसमें प्री-पेमेंट और प्री-क्लोजर चार्ज लग सकते हैं। इसलिए, एक फिक्स्ड रेट लोन लेने के बारे में तभी सोचें जब निकट भविष्य में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद हो और लोन की जरूरत, शॉर्ट से मीडियम टर्म के लिए हो।

2. प्री-ईएमआई ऑप्शन

जब आप एक अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो बैंक चरणबद्ध तरीके से पैसे छोड़ता है जिसे कंस्ट्रक्शन लिंक्ड पेमेंट्स भी कहा जाता है। प्री-ईएमआई लोन रिपेमेंट ऑप्शन के तहत, उधारकर्ता को सिर्फ बैंक द्वारा जारी किए गए अमाउंट पर लगने वाला सिंपल इंटरेस्ट ही देना पड़ता है। प्री-ईएमआई पीरियड के दौरान प्रिंसिपल अमाउंट का रिपेमेंट नहीं किया जाता है। यह ऑप्शन पहली बार घर खरीदने वालों के लिए सूटेबल है जो एक किराए के घर में रहते हैं क्योंकि उन्हें लोन की ईएमआई के साथ-साथ घर का किराया भी देना होता है।

3. फुल ईएमआई ऑप्शन

यदि आपने एक अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदा है तो आपको पूरी ईएमआई का रिपेमेंट करने का भी ऑप्शन मिलता है जो कि नॉर्मल ईएमआई ही होता है जिसे आपको एक होम लोन के तहत देना होता है। ईएमआई उस समय से शुरू होती है जब प्रॉपर्टी का कंस्ट्रक्शन पूरा हो जाता है। कुछ उधारदाता, प्रॉपर्टी का कंस्ट्रक्शन पूरा होने से पहले भी पूरी ईएमआई का रिपेमेंट करने की सुविधा देते हैं जिससे उधारकर्ताओं को कुल इंटरेस्ट देनदारी को कम करने में मदद मिलती है। इसलिए, यदि आप जल्दी से अपना होम लोन चुकाना चाहते हैं तो फुल ईएमआई ऑप्शन चुन सकते हैं जिसका रिपेमेंट जल्द से जल्द शुरू किया जा सकता है।

4. स्टेप-अप ईएमआई ऑप्शन

कई नौजवान उधारकर्ता अपने करियर के शुरुआती दौर में ही एक घर खरीदना चाहते हैं। लेकिन, वे तुरंत कोई बड़ी ईएमआई देना नहीं चाहते हैं लेकिन उन्हें इस बात का भरोसा होता है कि वे समय के साथ इनकम बढ़ने पर आसानी से ज्यादा ईएमआई दे सकते हैं। उनके लिए, कुछ बैंक, बढ़ती या स्टेप-अप ईएमआई फैसिलिटी वाला होम लोन ऑफर करते हैं जिसमें ईएमआई का आकार शुरू-शुरू में कम रहता है लेकिन एक निर्धारित समय सीमा के बाद धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।

इसके अलावा, यदि आप एक बड़ा लोन लेने के लिए आवश्यक योग्यता मानदंडों को पूरी तरह से पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो एक स्टेप-अप ईएमआई लोन की मदद से आपको अपना मनचाहा लोन मिलने का चांस बढ़ सकता है। यह ऑप्शन उन लोगों के लिए सूटेबल होता है जिन्हें यकीन है कि उनका इनकम, ईएमआई में होने वाली बढ़ोत्तरी की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ेगा। ऐसे लोन की ईएमआई आम तौर पर लोन के पहले दिन से ही शुरू हो जाती है।

5. ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी वाला होम लोन

कई उधारकर्ताओं, जैसे स्वरोजगार करने वाले पेशेवरों और कारोबारियों, के इनकम रेगुलर या फिक्स्ड नहीं होते हैं लेकिन उनके पास जब-तब काफी पैसे आ जाते हैं। एक लोन प्रोडक्ट है जिसका नाम है होम लोन विथ ओवरड्राफ्ट (ओडी) फैसिलिटी जो इस तरह के उधारकर्ताओं के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है। इस तरह के लोन में, उधारकर्ताओं को जब चाहे तब लोन अकाउंट से पैसे निकालने और जमा करने की सुविधा मिलती है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए, विजय, जो कि एक कारोबारी हैं, उन्होंने 20 साल के लिए ओडी फैसिलिटी वाला 20 लाख रुपये का एक होम लोन लिया है। लोन पीरियड के दौरान, उन्हें पांच महीने में अपने कारोबार से 10 लाख रु. मिलता है जिसे वे अपने होम लोन अकाउंट में जमा कर देते हैं ताकि उस हद तक उनके लोन का इंटरेस्ट बच सके। 5 महीने बाद, वे अपने लोन अकाउंट से 10 लाख रु. निकाल लेते हैं और इस निकाले गए अमाउंट पर फिर से इंटरेस्ट लगना शुरू हो जाएगा।

इसी तरह, यदि आप इंटरेस्ट बचाने के लिए अपने रुक-रुक कर होने वाले इनकम का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो ओडी फैसिलिटी वाला होम लोन आपके लिए बेहद सूटेबल होगा। लेकिन, एक बात का ध्यान रखें कि ओडी फैसिलिटी वाले होम लोन का इंटरेस्ट आम तौर पर रेगुलर होम लोन प्रोडक्ट्स की तुलना में अधिक होता है, इसलिए इस तरह का फैसला करने से पहले अपने नेट बेनिफिट का हिसाब निकालना न भूलें।

कुल मिलाकर, सबसे अच्छा लोन प्रोडक्ट ढूंढने के लिए बाजार में मिलने वाले तरह-तरह के लोन के बारे में पूरी जानकारी हासिल करना और अलग-अलग उधारदाताओं द्वारा दिए जाने वाले ऑफरों की तुलना करना बहुत जरूरी है। और यदि आप एक फ्लोटिंग रेट वाला होम लोन लेने जा रहे हैं जो एक बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा है तो उस समय जितना हो सके उतना लोन का प्रिपेमेंट करने की कोशिश करें जब रेट कम हो, और अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने की कोशिश करें क्योंकि सबसे कम रेट आम तौर पर 800 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले उधारकर्ताओं के लिए रिजर्व रखा जाता है।

(इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।)

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