पढ़ने के लिए विदेश जा रहे हैं तो इन 5 टिप्स की मदद से पैसे बचाएं

बिजनेस
Updated Jul 26, 2019 | 12:09 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

आजकल विदेश में पढ़ाई आम बात हो गई है हालांकि विदेश में पढ़ना सस्ता नहीं है। विदेश में पढ़ाई का खर्च ज्यादा होता है इसलिए आप यहां दिए गए टिप्स की मदद से विदेश में पढ़ते हुए बचत कर सकते हैं।

Forex Money Saving
विदेश में पैसे बचाने के तरीके।  |  तस्वीर साभार: Thinkstock

पिछले कुछ सालों से देश में मध्यम-आय वर्ग की जनसंख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसके कारण अच्छी पढ़ाई और मौकों की तलाश में विदेश जानेवाले स्टूडेंट्स की संख्या में भारी इज़ाफा देखने को मिल रहा है। बेशक ये उन स्टूडेंट्स के लिए बेहद अलग अनुभव है, जो कि उच्च शिक्षा या फिर पीएचडी की पढ़ाई के लिए विदेश जाना पसंद करते हैं। 

लेकिन एक बात जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है वो है इस पढ़ाई पर होनेवाला भारी भरकम खर्च। ऊपर से फीस और निजी खर्चों के लिए लगनेवाला महंगा करेंसी एक्सचेंज रेट, इस खर्च का बोझ और ज्यादा बढ़ा देता है। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ज़रूरी टिप्स जिनकी मदद से आप विदेश में पढ़ाई करते हुए विदेशी करेंसी पर खर्च होने वाले पैसे बचा सकते हैं। 

1. रेट्स की तुलना करके स्थानीय जगह पर फॉरेक्स खरीदें 
विदेश जाने से पहले एक बात जो ध्यान में रखनी बेहद ज़रूरी है, वो ये कि भारत में विदेशी मुद्रा खरीदना, विदेश में करेंसी एक्सचेंज करने और डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के मुकाबले हमेशा बेहतर रहता है। इसीलिए ज़रूरी है कि फॉरेक्स रेट्स की तुलना करके, स्थानीय तौर पर ही सही एक्सचेंज रेट की तलाश करें। 

करेंसी का एक्सचेंज रेट इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस शहर में हैं और कौन सी करेंसी चाहते हैं। ऐसे में एक करेंसी एक्सचेंज कंपनी और दूसरी कंपनी के एक्सचेंज रेट में 6 फीसदी तक का अंतर आ सकता है। समय बचाने और एक्सचेंज रेट के मोलभाव की सिरदर्दी से बचने के लिए आप किसी भी ऑनलाइन फॉरेक्स मार्केटप्लेस का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कि अलग अलग करेंसी एक्सचेंज कंपनी और बैंकों के रेट को एक साथ दिखाते हैं। 

ऑनलाइन फॉरेक्स मार्केटप्लेस एक ऐसी जगह है जहां अलग-अलग करेंसी एक्सचेंज एजेंट एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा बिज़नेस मिल सके। ऐसे में ग्राहकों को अच्छा एक्सचेंज रेट मिलता है। 

2. विदेश में फॉरेक्स कार्ड का इस्तेमाल करें 
विदेश में पढ़नेवालों के लिए रोज़मर्रा के खर्चों में डेबिट और क्रेडिट कार्ड के बजाय, प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा समझदारी भरा हो सकता है। फॉरेक्स कार्ड किसी भी रुपी कार्ड या दूसरे फॉरेक्स प्रोडक्ट्स के मुकाबले कहीं ज्यादा किफायती होते हैं। इनमें दूसरे फॉरेक्स प्रोडक्ट्स और इंटर बैंक रेट्स को चेक करके उनकी तुलना करने की भी सुविधा मिलती है।

कुछ डेबिट कार्ड्स ज़ीरो मार्जिन का वादा करते हैं लेकिन उनके रेट्स कई बार इतने ज्यादा होते हैं कि उनका इस्तेमाल इंटर बैंक रेट्स के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा पड़ जाता है। फॉरेक्स कार्ड्स हर उस जगह मान्य होते हैं जहां वीज़ा या मास्टर कार्ड का इस्तेमाल हो सकता है। इन कार्ड्स पर फ़ॉरेन ट्रांजैक्शन फीस नहीं लगती। 

ये सिर्फ पिन से इतेमाल किए जा सकते हैं और इनका इन्श्योरेंस कवर भी होता है। सबसे अच्छी बात ये कि विदेश में होने पर भी इनका टॉप-अप कराके आप रोज़मर्रा के खर्चों में इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। नीचे दिए गए टेबल की मदद से आप समझ सकते हैं कि प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड की बजाय दूसरे कार्ड्स का इस्तेमाल करने पर आपको कितना नुकसान झेलना पड़ सकता है: 

Forex Card Charge

इनमें जो बात ध्यान देने वाली है वो है एटीएम के ज़रिए पैसे निकालने पर लगनेवाला चार्ज, रिप्लेसमेंट चार्ज, बैलेंस इन्क्वायरी चार्ज और दूसरे कई छिपे हुए चार्ज जिनका आपको पता नहीं होता। इसीलिए अपनी ज़रूरत और इस्तेमाल के मुताबिक सही फॉरेक्स कार्ड का चुनाव करें। 

3. रेमिटेंस रेट्स और चार्ज की तुलना करें 
जब आप विदेश में पढ़ाई करने जाते हैं तो आपको समय-समय पर ट्यूशन फीस के लिए पैंसों की ज़रूरत पड़ती है। क्योंकि ट्यूशन फीस, आपकी पढ़ाई पर लगनेवाले कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है, ऐसे में करेंसी एक्सचेंज रेट में कुछ पैसों का भी बदलाव आपके पूरे बजट पर बड़ा असर डाल सकता है। 

आप मनी ट्रांसफर की सुविधा किसी बैंक या फिर किसी कैटेगरी 2 स्वीकृत डीलर या फिर किसी ऑनलाइन मार्केटप्लेस, जो कि बैंक या कैटेगरी 2 स्वीकृत डीलर जिन्हें AD-II भी कहा जाता है, दोनों से संबंद्ध हो, इनके ज़रिए पा सकते हैं। आपको ज़रूरत है तो बस एक ऐसा रेमिटेंस सर्विस प्रोवाइडर चुनने की, जो आपको सही रेट पर मनी ट्रांसफर की सुविधा दे और ठीक रेमिटेंस चार्ज ले। 

मनी ट्रांसफर के लिए अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर 200 से 2 हज़ार रुपए तक का चार्ज लेते हैं। नीचे दिया गया टेबल ये दिखाता है कि विदेशों में ऑनलाइन मनी ट्रांसफर करने के लिए ऐसे मार्केटप्लेस के इस्तेमाल में ज़्यादा समझदारी है, जो कम से कम चार्ज में जल्द पैसे ट्रांसफर करने की गारंटी देता है।

Transfer Charge

4. फॉरेक्स रेट पर नजर रखें

फॉरेक्न एक्सचेंज रेट्स में लगातार बदलाव होते रहते हैं और अलग अलग बैंकों और मनी चेंजर्स के रेट में भी काफी अंतर होता है। इसीलिए ये ज़रूरी है कि आप करेंसी एक्सचेंज रेट्स में लगातार हो रहे बदलावों की जानकारी रखें। ताकि जब रेट्स कम हों तो आप इसका फायदा उठाकर करेंसी खरीद लें। अगर आप  इन चीज़ों का ध्यान रखेंगे, तो इस प्रक्रिया में खूब सारे पैसे बचा सकते हैं। ऐसी कई साइट्स हैं जो आपको रेट चेंज अलर्ट की भी सुविधा देती हैं, और इसका इस्तेमाल आप अपने फायदे के लिए कर सकते हैं। 

5. विदेश में एक स्थानीय बैंक में खाता खोलें 
ऐसे स्टूडेंट्स जिन्हें पढ़ाई के लिए विदेश में 1 साल या उससे ज्यादा वक्त गुज़ारना है, उनके लिए सबसे व्यवहारिक सलाह यही रहेगी कि वो विदेशी बैंक में एक स्थानीय खाता ज़रूर खोल लें। इसके लिए आपकी युनिवर्सिटी से भी आपको किसी ऐसे स्टूडेंट फ्रैंडली बैंक की रेकमेडेशन मिल सकती है जो पैसे निकालने पर लगनेवाली एटीएम फीस की समस्या हल कर सकता है। इसके अलावा अगर आप कोई पार्ट टाइम जॉब करके तनख्वाह कमाने लगें तो ये भी आपके लिए काफी मददगार रहेगा।
(सुदर्शन मोटवानी, संस्थापक और सीईओ, बुक माय फॉरेक्स डॉट कॉम)

(डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसको निवेश से जुड़ी, वित्तीय या दूसरी सलाह न माना जाए। आप कोई भी फैसला लेने से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।)

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