Nirmala Sitharaman Press Conference: निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस, पेश किया इकोनॉमी का रिपोर्ट कार्ड

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Updated Dec 13, 2019 | 16:36 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Nirmala Sitharaman press conference today: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए कदम गिनाए हैं।

Nirmala Sitharaman press conference today
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस  |  तस्वीर साभार: BCCL

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। इस कॉन्फ्रेंस का एजेंडा अभी साफ नहीं है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को फोर्ब्स ने दुनिया की 100 सबसे ताकतवर महिलाओं की लिस्ट में शामिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था की स्थिति की समीक्षा 21 दिसंबर को कर सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य टॉप ब्यूरोक्रेट्स पीएम मोदी को इस संबंध में एक प्रेजेंटेशन दे सकते हैं। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा वह दो मुद्दों पर बात करने आई हैं। उन्होंने बताया कि वह शीत सत्र और पहले हुए गए कदम पर हुए प्रोसेस पर बात करेंगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत प्रेजेंटेशन के जरिए की है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदम पर बातचीत शुरू की है।

रेवेन्यू सेक्रेटरी अजय भूषण पांडे ने बताया कि टैक्स के रिफंड की जानकारी दी। उन्होंने जीएसटी के नए रिफंड सिस्टम की जानकारी प्रदान की और बताया कि रिफंड के लिए एक सिंगल सोर्स डिस्बर्समेंट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिये इस साल अबतक 1.57 लाख करोड़ रुपये के कर रिफंड किये गये जो पिछले साल 1.23 लाख करोड़ रुपये था।

 

राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने बताया, 'नवंबर तक 33,000 करोड़ रुपये के आयकर रिफंड जारी किये गये जबकि 2018-19 में 36,000 करोड़ रुपये का रिफंड हुआ था।' 27 नवंबर तक रेपो दर से जुड़े ब्याज पर कुल 70 हजार करोड़ रुपये के आठ लाख से अधिक कर्ज आवंटित किये गये: मुख्य आर्थिक सलाहकार

 

 

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में  7,657 करोड़ रुपये के 17 प्रपोजल को मंजूरी दी गई है। आरबीआई के दिशानिर्देश के अनुसार सभी पब्लिक सेक्टर के बैंक ने रेपो रेट लिंक प्रोडक्ट जारी कर दिए हैं। सरकार ने पीएसयू के 61 हजार करोड़ रुपये के बकाया को निपटा दिया है। 

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया कि सरकार का फोकस पुराने बकाया को निपटाने पर है, जो एनबीएफसी और एचएफसी को समर्थन देकर खुदरा ऋण को सक्षम बनाता है और एमएसएमई को बिल में छूट का समर्थन करता है।

 

12 दिसंबर को वित्त मंत्री ने लोकसभा में दिवाला और दिवालियापन संहिता में संशोधन के लिए एक बिल पेश किया था। केंद्रीय कैबिनेट ने 11 दिसंबर 2019 को दिवाला और दिवालियापन संहिता बिल को मंजूरी दे दी है।  इससे पहले 13 दिसंबर को ही वित्त मंत्री ने ट्विटर पर बताया है कि भारत बॉन्ड ईटीएफ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

 

 

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