विदेशी कमाई को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए फायदेमंद है ये फिक्स्ड डिपॉजिट, लेकिन जरूर जान लें ये बातें

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Updated Nov 07, 2019 | 12:04 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Investment Tips: NRE FD (एनआरई फिक्स्ड डिपॉजिट), उन लोगों के लिए फायदेमंद होते हैं जो विदेशी मुद्रा में कमाई करते हैं और जो उसे भारतीय मुद्रा में बदलवाना चाहते हैं।

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Investment Tips: पैसों से जुड़ी काम की बातें  |  तस्वीर साभार: Getty Images

वर्ल्ड बैंक के लेटेस्ट माइग्रेशन ऐंड डेवलपमेंट ब्रीफ के अनुसार, भारत, सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाना वाला देश है, जिसे 2018 में कुल मिलाकर 79 बिलियन डॉलर का रेमिटेंस मिला था। लेकिन, इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा अक्सर सेविंग्स अकाउंट्स में रखा जाता है जिस पर बहुत कम रिटर्न मिलता है। ऐसी परिस्थिति में ही फिक्स्ड डिपोजिट काम आते हैं।

बैंक FD, कम जोखिम वाले निवेश साधन हैं जो आपके पैसे को एक निर्धारित समय अवधि में बढ़ने में मदद करते हैं। और जिस तरह एक भारतीय नागरिक, डोमेस्टिक FD में निवेश कर सकता है, उसी तरह NRI (नॉन-रेसिडेंट इंडियन या गैर निवासी भारतीय) के लिए भी FD अकाउंट की व्यवस्था है जिसके माध्यम से वे एक सेविंग्स अकाउंट से ज्यादा रिटर्न कमा सकते हैं। लेकिन, निवेश करना शुरू करने से पहले, सबसे पहले इन अकाउंट्स के बारे में जान लेना ठीक होगा।

NRE और NRO फिक्स्ड डिपोजिट: बुनियादी फर्क

गैर निवासी भारतीयों के लिए, दो तरह के अकाउंट्स की व्यवस्था है जिन्हें वे भारतीय बैंकों में खोल सकते हैं - नॉन-रेसिडेंट एक्सटर्नल अकाउंट्स (NRE) और नॉन-रेसिडेंट ऑर्डिनरी अकाउंट्स (NRO)।

NRE FD, उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो विदेशी मुद्रा में कमाई करते हैं और जो उसे भारतीय मुद्रा में बदलवाना चाहते हैं। एक NRE FD अकाउंट की मुख्य विशेषताओं में से कुछ यह है कि इस पर मिलने वाला इंटरेस्ट, टैक्स फ्री होता है और प्रिंसिपल और इंटरेस्ट अमाउंट दोनों पूरी तरह स्वदेश भेजने लायक होते हैं। लेकिन यह जान लें कि जमा किया गया पैसा, मुद्रा दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के अधीन होता है, और यह भी कि NRE जॉइंट अकाउंट्स सिर्फ एक अन्य NRI के साथ ही खोला जा सकता है।

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दूसरी तरफ, NRO FD, मुख्य रूप से भारत में NRI द्वारा कमाए जाने वाले इनकम के लिए है। लेकिन, NRE FD के विपरीत, NRO FD के माध्यम से कमाए गए इंटरेस्ट पर, इनकम टैक्स एक्ट 1961 के आधार पर, 30% की दर से टैक्स लग सकता है। इसके अलावा, सिर्फ कमाए गए इंटरेस्ट को ही पूरी तरह स्वदेश भेजा जा सकता है, लेकिन स्वदेश भेजे जा सकने वाले प्रिंसिपल अमाउंट की एक सीमा होती है।

लेकिन, इसका मुख्य लाभ यह है कि NRO फिक्स्ड डिपोजिट के मामले में, विनिमय दर के उतार-चढ़ाव का कोई जोखिम नहीं होता है। इसलिए, यदि आप विदेश में रहते हैं और आपके कुल इनकम में भारत से होने वाली आमदनी भी शामिल है तो NRO FD, भारत में अपने फंड्स को मैनेज करने का एक असरदार तरीका हो सकता है।

NRE फिक्स्ड डिपोजिट: जानने लायक जरूरी बातें

आपको विदेश में कमाए गए पैसे को भारत भेजने के लिए एक NRE अकाउंट की जरूरत पड़ेगी। इस पर आपको सिर्फ ज्यादा इंटरेस्ट ही नहीं मिलता है, बल्कि आपको जमा किए गए पैसे का 90% तक लोन भी मिल सकता है। अधिकांश NRE FD का कार्यकाल 1 से 10 साल का होता है। अलग-अलग बैंक का इंटरेस्ट रेट अलग-अलग होता है जो वर्तमान में आपके द्वारा चुने गए कार्यकाल के आधार पर 6 से 7 प्रतिशत प्रति वर्ष के आसपास है।

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शुरू-शुरू में, आपको अकाउंट खोलने के लिए कम से कम 25,000 रुपये जमा करना पड़ेगा। आप एक NRE FD अकाउंट में 2 करोड़ रुपये से ज्यादा रख सकते हैं और उस पर इंटरेस्ट कमा सकते हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि न तो बैलेंस और न ही इस पर मिलने वाला इंटरेस्ट, भारत में टैक्सेबल होता है। इसके अलावा, आप प्रिंसिपल अमाउंट और कमाए गए इंटरेस्ट को एक NRE अकाउंट के माध्यम से एक फॉरेन अकाउंट में भेज सकते हैं जिसका मतलब है कि प्रिंसिपल अमाउंट और कमाए गए इंटरेस्ट दोनों को स्वदेश भेजा जा सकता है।

अपने NRE अकाउंट में पैसे जमा करना भी कठिन नहीं है। आपके पास एक रास्ता यह है कि आप भारत में अपने दौरे के दौरान फॉरेन करंसी नोट्स पेश कर सकते हैं। लेकिन, आजकल इतने सारे बैंक NRE FD की सुविधा दे रहे हैं कि अपने पैसे को जमा करने का काम बहुत आसान हो गया है।

उदाहरण के लिए, कुछ बैंक आपको एक मौजूदा NRE/FCNR अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करने की अनुमति देते हैं। कुछ उधारदाता भी आपको सीधे उन्हें पैसे भेजने की इजाजत देते हैं। लेकिन, संबंधित बैंक से अपने पैसे ट्रांसफर करने के ऑप्शन के बारे में जान लेना सबसे अच्छा होता है।

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इसके अलावा, भारत में अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने की कोशिश में, NRI, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के प्रावधानों के अनुसार भारतीय म्यूच्यूअल फंड स्कीम्स में निवेश करने के बारे में भी सोच सकते हैं। लेकिन ऐसा करने के लिए, उन्हें निवेश करने और निकालने के लिए पहले एक NRE या एक NRO अकाउंट खोलना होगा।

संक्षेप में, यहाँ सबसे जरूरी बातों का एक संक्षिप्त विवरण दिया गया है जिसे आपको एक NRE FD अकाउंट में निवेश करने से पहले ध्यान में रखने की जरूरत है:

  • यदि आप एक जॉइंट NRE अकाउंट खुलवाने के बारे में सोच रहे हैं तो आप किसी अन्य NRI के साथ ही ऐसा कर सकते हैं।
  • इस पर मिलने वाला इंटरेस्ट, टैक्स फ्री होता है।
  • आप एक NRE अकाउंट में, भारत में कमाए गए किसी अमाउंट को जमा नहीं कर सकते हैं।
  • आप सिर्फ INR में ही पैसे निकाल सकते हैं।
  • आपके द्वारा निवेश किए गए पैसे का वैल्यू, वर्तमान विनिमय दर पर निर्भर रहता है।
  • इसका रिटर्न, अन्य निवेश माध्यमों की तुलना में थोड़ा कम होता है।

(इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।)

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