दुनिया की सबसे बड़ी स्कीम में से एक है DBT, जानें इसके फायदे और क्या है आधार कार्ड की भूमिका

Direct Benefit Transfer: भारत की सबसे सफल स्कीम में से एक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर। इस स्कीम के तहत नागरिकों को केंद्र सरकार की ओर से कई चीजों पर अलग-अलग रूपों में सब्सिडी दी जाती है।

Direct Benefit Transfer
Direct Benefit Transfer  

मुख्य बातें

  • डीबीटी की शुरुआत साल 2013 में एक जनवरी को की गई थी।
  • भारत में यह स्कीम काफी सफल रही।
  • दुनिया की सबसे बड़ी स्कीम में से एक है डीबीटी।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) यानी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण भारत सरकार द्वारा लाई गई एक स्कीम है। इसके जरिए नागरिकों को कई प्रकार की चीजों पर अलग-अलग रूपों में सब्सिडी दी जाती है। जैसे एलपीजी, मनरेगा का भुगतान, वृद्धावस्था पेंशन योजना, स्कॉलरशिप आदि पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नागरिक इसके जरिए आसानी से उठा सकते हैं। इस स्कीम के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।

साल 2011-12 में पहली बार डीबीटी के बारे में तत्‍कालीन वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने केंद्रीय बजट भाषण में बताया था। उस वक्त उन्होंने बताया कि सरकार केरोसीन, एलपीजी, मनरेगा के लिए सब्सिडी का सीधे भुगतान करना चाहती है। बता दें कि इसकी शुरुआत साल 2013 में 1 एक जनवरी को की गयी थी। इस स्कीम को लाने का मकसद था पारदर्शिता और सब्सिडी वितरण में होने वाली धांधलियों को रोकना था। भारत में यह स्कीम काफी सफल रही जिसकी वजह से इसे दुनिया की सबसे बड़ी स्कीम के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली।

डीबीटी के फायदे

डीबीटी के जरिए सरकार को सब्सिडी भुगतान के क्रम में होने वाली धांधलियों से बचने वाली रकम का फायदा होता है। इसके अलावा सब्सिडी की रकम सीधे लाभार्थी के अकाउंट में जमा कराई जाती है।

यह सरकार और नागरिकों दोनों के हित में हैं। बता दें कि जिन लाभार्थियों के पास आधार कार्ड हैं, उनके पैसे का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में हो जायेगा। आधार संख्या नागरिकों के लिए एक पहचान संख्या है। जो देश के प्रत्येक आवासी के पास हैं, वह बॉयोमीट्रिक और जनसांख्यिकी जानकारी देने के बाद प्राप्‍त कर सकता है।

डीबीटी के तहत आधार कार्ड की भूमिका

डीबीटी को आधार कार्ड से जोड़ना एक बड़ी उपलब्धि है। सरकार ने लाभार्थी की आधार आईडी को डीबीटी के साथ जोड़ा है और इस लिंक को सभी भुगतानों के लिए लागू किया गया है। बता दें कि आधार-लिंक्ड डेटा के उपयोग से यह सुनिश्चित किया जाता है कि राशि सही लाभार्थी के खाते में भुगतान की जा रही है या नहीं। इससे यह साफ हो जाता है जरूरतमंद लाभार्थी ही पैसा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं इस स्कीम के तहत सरकार ने फैसला किया था कि एक साल में 10 लाख रुपये से अधिक आय वाले लोग एलपीजी सब्सिडी के लिए पात्र नहीं होंगे।

डीबीटी पोर्टल

सरकार ने डीबीटी का वेब पोर्टल भी लॉन्च किया है। dbt.bharat.gov.in पर सभी ऐडमिनिस्ट्रेटर केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा लागू किए गयीं कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहां आप डीबीटी से जुड़े अपडेट की भी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा लाभार्थी भी उनके लिए उपलब्ध सब्सिडी के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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