कोरोना इफेक्ट : सेंसेक्स में 2120 अंकों की भारी गिरावट, निफ्टी भी  लुढ़का

भारत में कोरोना वायरस के असर से सेंसेक्स बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों में निवेशकों को लाखों-करोड़ रुपए की चपत लग गई है। सेेंसेक्स का टूटना लगातार जारी है।

Coronavirus effect : Sensex crashes over 2100 points
सेंसेक्स में गिरावट का दौर लगातार जारी है। 

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस के भय से सेंसेक्स में लगातार गिरावट आई है
  • निवेशकों के लाखों-करोड़ रुपए स्वाहा हो गए हैं
  • बड़ी-बड़ी कंपनियों के शयेर डूबे, परेशान हैं निवेशक

नई दिल्ली : कोरोना वायरस के संक्रमण का असर शेयर बाजार के कारोबार पर गुरुवार को भी देखने को मिला। सेंसेक्स 2120 अंक लुढ़ककर 26750 अंकों एवं निफ्टी 575 अंक लुढ़ककर 7894 पर आ गया। शेयर बाजार की बड़ी कंपनियों एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस,  कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, मारूति एवं एवं अन्य कंपनियों के शेयर में 12.47 प्रतिशत की गिरावट आई है। 

एनएसई के निफ्टी प्राइवेट बैंक और फाइनेंसियल सर्विस में 8.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। बता दें कि 30 शेयरों वाला बीएसई का इंडेक्स बुधवार को 1710 प्वाइंट गिरकर 28870 अंक पर बंद हुआ। जनवरी 2017 के बाद 29000 अंक से नीचे पहली बार बंद हुआ है। भारत में कोरोना वायरस के असर से सेंसेक्स बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों में निवेशकों को लाखों-करोड़ रुपए की चपत लग गई है।  

इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 498.25 अंक यानी 5.56 प्रतिशत का गोता लगाकर 8,468.80 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में इंडसइंड बैंक को सर्वाधिक नुकसान हुआ। इसमें 23 प्रतिशत की गिरावट आयी। इसके अलावा पावर ग्रिड (11.29 प्रतिशत), कोटक बैंक (11.23 प्रतिशत), बजाज फाइनेंस (11.11), एचडीएफसी बैंक (9.92 प्रतिशत) और एनटीपीसी (8.08 प्रतिशत) में भी अच्छी-खासी गिरावट आयी।

सूचकांक में केवल ओएनजीसी और आईटीसी के शेयरों में तेजी रही। इससे पहले, एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग ने 2020 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है। उसका कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में जा रही है।
इससे पहले, रेटिंग एजेंसी ने 2020 में वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।

एस एंड पी ने एक बयान में कहा,‘एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 2020 में आर्थिक वृद्धि आधी होकर 3 प्रतिशत से कम रह सकती है। वैश्विक अर्थव्यवस्था नरमी में प्रवेश कर रही है।’उच्चतम न्यायालय द्वारा समायोजित सकल आय (एजीआर) बकाया के स्व-आकलन को लेकर दूरसंचार कंपनियों की खिंचाई के बाद बैंक तथा दूरसंचार कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।

न्यायालय ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को पिछले साल 24 अक्टूबर को दिये गये फैसले में जो राशि तय की गयी थी, उसका पूरा भुगतान करना होगा।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘भारतीय बाजार तीन साल के न्यूनतम स्तर पर आ गया। निफ्टी 8,500 अंक के नीचे आ गया। यह एशियाई और यूरोपीय बाजारों में गिरावट के अनुरूप है। वैश्विक एजेंसियों के कोरोना वायरस माहामारी के कारण वैश्विक मंदी को लेकर चेतावनी दिये जाने के बाद बाजार में गिरावट आयी।’
 

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