कोरोना वायरस का संकट: इन्वेस्टमेंट्स को लेकर है चिंता, इस तरह रहें बेफिक्र

Coronavirus effect on Investments: देश भर में कोरोना वायरस फैल गया है। लोग अपने हेल्थ के साथ-साथ अपने वेल्थ को लेकर चिंतित हैं।

कोरोना वायरस का संकट: आपके इन्वेस्टमेंट्स की रक्षा के लिए 4 असरदार उपाय
कोरोना वायरस का संकट: आपके इन्वेस्टमेंट्स की रक्षा के लिए 4 असरदार उपाय 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के प्रकोप को एक महामारी घोषित कर दिया है। यहां यह समझने की बात है कि दुनिया भर के लोग अपने हेल्थ के साथ-साथ अपने वेल्थ को लेकर चिंतित हैं। कई इंडस्ट्रियों में प्रोडक्शन बंद होने, शहरों के पूरी तरह लॉक-डाउन होने, और देशों के द्वारा अपनी सरहदों को बंद करने के कारण, मार्केट्स में बहुत ज्यादा गिरावट के साथ-साथ काफी वोलेटिलिटी देखने को मिल रही है। ऐसे समय में, आप अपने इन्वेस्टमेंट्स की रक्षा कैसे करते हैं? आइए कुछ इन्वेस्टमेंट संबंधी उपायों पर नजर डालते हैं जिनकी मदद से आप कोरोना वायरस के संकट की घड़ी में अपने पोर्टफोलियो की रक्षा कर सकते हैं।

भयभीत न हों
पैसे इन्वेस्ट करते समय, आपको कभी धैर्य नहीं खोना चाहिए। लोगों को अक्सर पैसे का नुकसान तभी होता है जब वे भयभीत होकर फैसले लेने लगते हैं। इस तेजी से बढ़ती समस्या के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करें और उससे उसी हिसाब से निपटने की कोशिश करें। सुनिश्चित करें कि आप सरकार और अधिकारियों की तरफ से मिलने वाले सुरक्षा निर्देशों का पालन कर रहे हैं और सत्यापित और विश्वसनीय स्रोतों से आने वाले समाचारों पर ही ध्यान दे रहे हैं। आप चाहें तो अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन्वेस्टेड रह सकते हैं और अफवाहों से बच सकते हैं। शक होने पर, कोई बड़ा फैसला लेने से पहले हमेशा अपने फाइनेंसियल एडवाइजर से बात करें।

SIP का रास्ता अपनाएं
म्यूच्यूअल फंड सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स, मार्केट वोलेटाइल रहने पर रुपी-कॉस्ट-एवरेजिंग का बेनिफिट देते हैं। कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण, इक्विटी मार्केट बड़ी तेजी से गिर रहा है। इस बात का अनुमान लगाना आसान नहीं है कि मार्केट किस लेवल पर बॉटम-आउट होगा। इसलिए, SIP, इस परिस्थिति में इन्वेस्ट करने का सबसे अच्छा तरीका है। इस तरह, आप अपने पोर्टफोलियो में किस्तों में योगदान कर पाएंगे, और अगले कुछ महीने तक मार्केट के निचले लेवल पर रहने के बावजूद, आपको बहुत कम कीमत पर यूनिट्स खरीदने का मौका मिलेगा। जब मार्केट फिर से उछाल मारेगा तब आपका पोर्टफोलियो जल्दी से प्रॉफिट में आ सकता है। मार्केट की मौजूदा स्थिति, निचले लेवल पर इन्वेस्ट करने का एक बहुत अच्छा मौका हो सकता है, और यदि आप इस मौके को हाथ से जाने देना नहीं चाहते हैं तो आप अपने SIP को चालू रख सकते हैं।

लॉन्ग टर्म पर फोकस करें
आप जितने ज्यादा लम्बे समय तक इन्वेस्टेड रहेंगे, आपके इन्वेस्टमेंट को विभिन्न प्रकार के रिस्क को कम करने और महंगाई को मात दे सकने वाला रिटर्न प्राप्त करने के लिए उतना ज्यादा समय मिलेगा जिससे आपको अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। लम्बे समय वाले लक्ष्य, आम तौर पर काफी बड़े आकार के होते हैं और इसलिए इन्हें ज्यादा फोकस और स्टेबिलिटी की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा, यदि आपको लगता है कि एक विशेष इन्वेस्टमेंट रिकवर नहीं होगा या उसकी वजह से आपके लॉन्ग टर्म फाइनेंसियल लक्ष्यों को पूरा करना बहुत मुश्किल होगा तो आप चाहें तो उसी हिसाब से अपने पोर्टफोलियो को रिबैलेंस कर सकते हैं या उससे कम रिस्क वाले इंस्ट्रूमेंट्स में मूव कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप स्मॉल कैप इन्वेस्टमेंट्स में अपने एक्सपोजर को कम करके, लार्ज कैप इन्वेस्टमेंट्स पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।

अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों के अनुसार ही इन्वेस्ट करें
मार्केट की हालत चाहे जैसी भी हो, आपका इन्वेस्टमेंट आपके फाइनेंसियल लक्ष्यों के अनुरूप ही होना चाहिए। कोरोना वायरस के प्रकोप के दौरान, क्या आपका फाइनेंसियल लक्ष्य बदल गया है? यदि नहीं तो इन्वेस्टेड रहना बहुत जरूरी है ताकि आप अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा कर सके। आप अपने पोर्टफोलियो को रिबैलेंस कर सकते हैं, ख़ास तौर पर तब यदि वह आपके फाइनेंसियल लक्ष्य के खिलाफ या तो डेब्ट या इक्विटी की तरफ बहुत ज्यादा झुक गया है।

मार्केट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन्वेस्टर्स को यह बात याद रखनी चाहिए कि वैश्विक आर्थिक मंदी पहले भी आई है, लेकिन फिर भी वे काफी हद तक उन इन्वेस्टर्स के लिए फायदेमंद रहे हैं जो हर हाल में इन्वेस्टेड रहे हैं। फ़िलहाल अभी यह कहना मुमकिन नहीं है कि पूरी दुनिया इतने बड़े स्वास्थ्य संकट से कितनी जल्दी और कितने असरदार ढंग से बाहर निकल पाएगी, लेकिन एक बात साफ़ है कि डरने से किसी समस्या का समाधान होने वाला नहीं है। यह अपने अनुभव का इस्तेमाल करने और सोच-समझकर फैसले लेने का समय है।

(इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।)

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर