कोरोना लॉकडाउन: 3 महीने EMI नहीं देने वालों को चुकाना होगा 3 महीने का अतिरिक्त ब्याज

बिजनेस
रवि वैश्य
Updated Mar 29, 2020 | 13:36 IST

आप भी अगले तीन महीनों तक ईएमआई न देने का विचार कर रहे हैं तो ये जान लें कि आपको तीन महीने बाद बकाया लोन पर अतिरिक्त इंट्रेस्ट (Intrest) चुकाना पड़ेगा।

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इसका लाभ लेने वाले ग्राहकों की तीन किस्त तो बढ़ ही जाएगी, इन तीन महीनों की अवधि का अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा 

नई दिल्ली: कोरोनावायरस के प्रकोप से देशभर में छाई आर्थिक मंदी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्जदाताओं को अगले तीन महीनों के लिए होम लोन या आटो लोन ईएमआई का भुगतान नहीं करने की सहूलियत दी है। आरबीआई की इस घोषणा के बाद अगर आप भी अगले तीन महीनों तक ईएमआई न देने का विचार कर रहे हैं तो आपको अपने बकाया लोन पर अधिक ब्याज देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

विश्लेषकों और विशेषज्ञों का कहना है कि इसका लाभ लेने वाले ग्राहकों की तीन किस्त तो बढ़ ही जाएगी, इन तीन महीनों की अवधि का अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा, जो तीन महीने के अंत में आपकी ईएमआई में जोड़ा जाएगा। 

आरबीआई ने टर्म लोन की किश्त चुकाने में तीन महीने की छूट दी है। सभी वाणिज्यिक, क्षेत्रीय, ग्रामीण, एनबीएफसी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों को सभी तरह के टर्म लोन की ईएमआई वसूलने से रोक दिया गया है। ग्राहक खुद चाहें तो भुगतान कर सकते हैं, बैंक दबाव नहीं डालेंगे।

इससे आपकी EMI बढ़ जाएगी
उदाहरण के तौर पर अगर आप 1000 रुपये ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं और बैंक 10 फीसदी की दर से ब्याज ले रहा है तो आपको तीन महीनों बाद अपनी इन तीनों ईएमआई पर 25-25 रुपये ज्यादा देने होंगे। यह अतिरिक्त ब्याज आपकी भविष्य की सभी ईएमआई में जोड़ा जा सकता है।

वित्तीय क्षेत्र के एक विश्लेषक ने बताया, ग्राहकों को इस अतिरिक्त ब्याज का भुगतान एक साथ करना होगा या इसे अतिरिक्त ईएमआई के रूप में समायोजित करने की अनुमति दी जाएगी, यह बात बैंक को बतानी चाहिए।

आपके क्रेडिट स्कोर पर नहीं पड़ेगा असर
वहीं क्रेडिट कार्ड के बकाया भुगतान पर भी तीन महीने की छूट लागू होगी। इसके तहत अगले तीन महीने तक ऐसे किसी भी व्यक्ति के खाते से किश्त नहीं कटेगी, जिन्होंने कर्ज ले रखा है। इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर भी असर नहीं पड़ेगा।

तीन महीने तक लोन की किश्त नहीं चुका पाएंगे तो इसे डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा। तीन महीने की अवधि के बाद आपकी ईएमआई दोबारा शुरू हो जाएंगी।

हालांकि, इसके ये मायने नहीं हैं कि बकाया कभी चुकाना ही नहीं होगा, मोहलत सिर्फ तीन महीने की है। बाद में भुगतान करना ही होगा।यह कदम इस मकसद से उठाया गया है कि लॉकडाउन की वजह से जिनके पास वाकई नकदी की कमी होती है तो उन्हें कर्ज के भुगतान में कुछ समय मिल सके।

SBI ने तुरंत ही तीन महीने की ईएमआई की राहत दी
स्टेट बैंक ने इसके साथ ही खुदरा और एकमुश्त बड़ी जमा राशि पर भी ब्याज दर में 0.20 से लेकर एक प्रतिशत तक की कटौती की है। लॉकडाउन की वजह से आने वाली आर्थिक चुनौती से लड़ने में लोगों को मदद के लिए SBI ने तीन महीने की ईएमआई की राहत दे दी है।

स्टेट बैंक ने शुक्रवार को ही घोषणा कर दी थी कि सभी टर्म लोन की अगले तीन महीने की ईएमआई को तीन महीने के लिए टाला जा रहा है। 

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