ई-नाम के जरिए बढ़ रहा कृषि ऊपज कारोबार, जल्द होगा एक लाख करोड़ के पार

बिजनेस
Updated Jan 22, 2020 | 10:17 IST

National Agriculture Market Scheme (E-NAM): ई- राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार के जरिए कृषि ऊपर के कारोबार ने नया स्तर छू लिया है।

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Enam: ई-नाम के जरिए बढ़ रहा कृषि ऊपज कारोबार 

नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को कहा कि ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) मंच के जरिये कृषि ऊपज का कारोबार 91,000 करोड़ रुपये के स्तर को छू गया है और जल्द ही यह आंकड़ा एक लाख करोड़ तक पहुंच जाने की संभावना है। कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को यहां ई-नाम में कृषि-लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए पहली राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। मौजूदा समय में 16 राज्य और दो संघ शासित प्रदेशों की 585 मंडियां (कृषि-बाजार) ई-प्लेटफॉर्म से जुड़ी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही 415 अन्य मंडियां भी इससे जुड़ जायेंगी।

एक सरकारी बयान में कहा गया, 'इस पोर्टल पर 1.65 करोड़ से अधिक किसानों और 1.27 लाख व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है। इस मंच के माध्यम से 91,000 करोड़ रुपये का व्यापार पहले ही हो चुका है और निकट भविष्य में इसके एक लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।' इस मौके पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'देश के लिए कृषि बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लोग काम कर रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से भारत मजबूत होगा ताकि देश चुनौतियों का सफलता के साथ सामना कर सके। सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। तोमर ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर हर सुविधा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि छोटे और बड़े किसानों के बीच असमानता को दूर किया जाना चाहिए तथा प्रौद्योगिकी और विभिन्न योजनाओं का लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचना चाहिए। मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में सबसे बड़ी चुनौती किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना है। तोमर ने कहा कि सरकार ई-नाम प्लेटफॉर्म को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगी कि छोटे किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ें।

कृषि-लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के बारे में उन्होंने कहा, 'कटाई के साथ-साथ सफाई, ग्रेडिंग, गुणवत्ता के मुताबिक अलग अलग छांटकर रखना, गुणवत्ता निरीक्षण, पैकेजिंग और विपणन किये जाने की आवश्यकता है ताकि उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक की यात्रा पूर्ण हो सके।'

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