MP Honey Trap: ऐसे बुना हनीट्रैप का जाल, नादान लड़कियों का ऐसे होता था इस्तेमाल

भोपाल समाचार
Updated Sep 27, 2019 | 16:13 IST | पल्लव मिश्रा

MP Honey trap scandal: एसआईटी जांच में हनी ट्रैप की मुख्य सरगना श्वेता जैन ने कहा कि कॉलेज की लड़कियों को मजूबर कर स्कैंडल में धकेला गया था।

MP Honey trap scanda
एमपी में हनी ट्रैप स्कैंडल का भंडाफोड हुआ है  |  तस्वीर साभार: Representative Image

मुख्य बातें

  • हनी ट्रैप मामले में एसआईटी जांच में हुआ बड़ा खुलासा
  • केस की मुख्य सरगना श्वेता जैन ने कहा लड़कियों को मजबूर करके इसमें धकेला गया था
  • हनी ट्रैप स्कैंडल में 12 शीर्ष नौकरशाह सहित 8 पूर्व मंत्रियों का नाम शामिल है

इंदौर:  हनी ट्रैप (Honey trap) रैकेट ने मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल मचा रखा है। इस स्कैंडल में हो रहे रोज नए- नए खुलासे से हडकंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि कथित तौर पर ये देश का सबसे बड़ा स्कैंडल साबित हो सकता है। इस मामले में करीब 12 शीर्ष नौकरशाह सहित 8 पूर्व मंत्रियों का नाम शामिल है। अब मामले में नया खुलासा हुआ है।

इस स्कैंडल की मुख्य सरगना श्वेता जैन ने विशेष जांच टीम (SIT) के सामने कबूल किया है कि उसने कॉलेज में पढ़ने वाली करीब दो दर्जन छात्राओं का उपयोग जबरन मध्य प्रदेश (MP) सरकार के शीर्ष और ताकतवर लोगों को लुभाने के लिए किया था। जैन ने कहा कि सभी लड़कियां निम्न और मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

सरकारी ठेके लेना था उद्देश्य
मामले की मुख्य सरगना जैन ये भी कबूला है कि हनी ट्रैप स्कैंडल का मुख्य उद्देश्य वीआईपी लोगों से कई सौ करोड़ रुपए के चल रहे सरकारी अनुबंधों की खरीद करना था। जैन ने कहा कि कई महंगे सरकारी ठेके प्रतिष्ठित कपंनियों को उनकी सिफारिश पर दिए गए थे। इसमें जैन और उनकी साथी आरती दयाल को कमीशन भी दिया गया था।

अधिकारियों की ट्रांसफर- पोस्टिंग कराती थी 
इन ठेकों के अलावा श्वेता कई आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग भी कराती थी। स्कैंडल की सरगना ने एसआईटी की पूछताछ के दौरान कूबला कि उसने नौकरशाहों के कहने पर कई कॉलेजों की छात्राओं को उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। जैन ने कहा कि कई नौकरशाह तो उन छात्राओं के पिता की उम्र के थे।

सचिवालय में अधिकारियों से करवाई मुलाकात
जांच के दौरान जब श्वेता का कॉलेज छात्रा मोनिका यादव से सामना हुआ, तो मोनिका ने बताया कि उसकी जैन से मुलाकात एक प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला दिलवाने के सिलसिले में हुई थी। मोनिका ने कहा कि जैन ने उससे कहा था कि उसकी पहचान मप्र सरकार में उच्च लोगों से हैं। जैन ने मोनिका को लुभाने के लिए उसकी मुलाकात सचिवालय में तीन सचिव श्रेणी के अधिकारियों से करवाई थी। इसके अलावा इंदौर से भोपाल यात्रा करने के लिए जैन ने मोनिका को ऑडी कार भी उपलब्ध करवाई थी। 

एसआईटी अधिकारी ने बताया कि मोनिका ने श्वेता की बात मानने से मना कर दिया और वह वापसे अपने घर नरसिंहगढ़ लौट गई। इसके बाद आरती, मोनिका के घर पहुंची और उसके पिता से अपनी बेटी को वापस भेजने के लिए कहा। आरती ने मोनिका के पिता से कहा कि अगर वह मोनिका को भोपाल भेज देंगे तो उसका (आरती) का एनजीओ (NGO)  उनकी बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करेगा। 

आर्थिक स्थिति का उठाते थे फायदा
मोनिका के परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी इसलिए उसके पिता ने उसे आरती के साथ भोपाल जाने को कहा। एसआईटी के दिए गए बयान में मोनिका ने कहा कि एक दिन आरती ने श्वेता का एमएमएस (MMS) नौकरशाह के साथ मोनिका को दिखाया और कहा कि उपर तक पहुंचने के लिए ये सब करना पड़ता है।

लड़कियों का किया गया ब्रेन वाश
एसआईटी जांच के दौरान खुलासा हुआ कि एनजीओ के नाम पर आरती और श्वेता आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर मजबूर करती थी और उनका ब्रेन वाश करके उन्हें हनी ट्रैप स्कैंडल में धकेल दिया।

अपने बयान में मोनिका ने कहा कि अगस्त 30 को आरती और उसकी साथी रूपा उसे एक लग्जरी कार में लेकर इंदौर के होटल में पहुंची। यहां पर अगली शाम को सरकारी इंजीनियर हरभजन सिंह (60 साल) से मोनिका की मुलाकात करवाई गई। सिंह ने मोनिका के साथ सेक्स किया। मोनिका ने बताया कि आरती ने उसका और हरभजन का रात में साथ रहने का वीडियो बनाया था।

वीडियो अपलोड करने की धमकी दी गई
वीडियो के आधार पर श्वेता ने हरभजन सिंह से 3 करोड़ रुपए की मांग की और मोनिका को धमकी दी की अगर उसने अपने पिता को कुछ बताया तो यह वीडियो सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इस मामले में इंदौर की एसएसपी रुचि वर्धन ने कहा कि श्वेता औऱ आरती ने लड़कियों को जानबूझकर स्केंडल में धकेला। 

40 कॉल गर्ल को हायर किया गया था 
उन्होंने कहा कि पहले लड़कियों को ग्लैमर और लग्जरी जीवन का लालच देकर पांच सितारा होटल ले जाया जाता था, जहां पर उन्हें अधिक मात्रा पर पैसे मिलते थे, नेताओं और नौकरशाहों के साथ हनी ट्रैप में फंसाने के लिए। कॉलेज की लड़कियों के अलावा श्वेता ने करीब 40 कॉल गर्ल को भी हायर कर रखा था अपने ग्राहक को लिए जिसमें मप्र के एक पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल है। 

 

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