लग्जरी कारों की बिक्री में आई गिरावट, दिग्गजों ने बढ़ते टैक्स को बताया जिम्मेदार

ऑटो
Updated Jul 23, 2019 | 10:50 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

कार उद्योग के लिए इस साल की शुरुआत काफी कठिन रही है। सभी कार कंपनियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं लग्जरी सेगमेंट इस गिरावट से खासा परेशान है।

Decline in Luxury car market
लग्जरी कारों की बिक्री में गिरावट देखने को मिली है (प्रतीकात्मक तस्वीर)  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • पहली छमाही में लग्जरी कार की कीमतों में आई गिरावट
  • मर्सिडीज बेंज की बिक्री में 18 फीसदी की गिरावट आई है
  • दिग्गजों ने बताया कार उद्योग के लिए मुश्किल है ये साल

नई दिल्ली: इस साल की शुरुआत ऑटो सेक्टर के लिए अच्छी नहीं रही है। साल की शुरुआत से ही विभिन्न कंपनियों की कार की बिक्री में गिरावट आई है। पहली छमाही में भारत के लक्जरी कार बाजार में भी गिरावट आई। उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक विकास में मंदी और चुनावों के आसपास अनिश्चित्ता ने खरीदारों को सतर्क कर दिया। मर्सिडीज बेंज और ऑडी जैसी लग्जरी वाहन निर्माता कंपनियों के उच्च अधिकारियों आने वाले महीनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि वे अर्थव्यवस्था में निरंतर कमजोरी, उच्च जीएसटी दर और आयात लागत में वृद्धि जैसे जोखिमों के बारे में भी चेतावनी देते हैं। 

बढ़ते टैक्स को बताया गया वजह
उद्योग के अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा केंद्र सरकार द्वारा 2 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई वाले लोगों के टैक्स में बढ़त भी एक अहम कारण है। उद्योग जगत के जानकारों के अनुसार, इस साल के शुरुआती छह महीनों में 15 हजार से 17 हजार लग्जरी कारों की बिक्री हुई है, जो पिछले साल इस छमाही में 20 हजार यूनिट्स थी। रिपोर्ट की माने तो, लग्जरी सेगमेंट ने उद्योग के बाकी हिस्सों की तुलना में खराब प्रदर्शन किया, जो भारत में असामान्य है क्योंकि यह आमतौर पर बाजार को बेहतर बनाता है।

अप्रैल-जून में 30 प्रतिशत की गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, कुल वाहन की बिक्री जनवरी से जून 2019 के दौरान 10 प्रतिशत कम होने का अनुमान है। साल की शुरुआत में लग्जरी कारों की बिक्री में मामूली गिरावट देखने को मिली थी, वहीं दूसरी तिमाही अप्रैल से लेकर जून तक बिक्री 30 प्रतिशत से 6,500 से 7,000 यूनिट से अधिक गिरने के साथ बहुत खराब रही। बाजार में नए मॉडल के आने और डीलरशिप बढ़ने से भी मांग की गिरावट को रोकने में मदद नहीं मिली।

मर्सिडीज बेंज की बिक्री में गिरावट
शुक्रवार को मर्सिडीज बेंज ने 2019 के शुरुआती छह महीनों में बिक्री में 18 प्रतिशत गिरावट की जानकारी दी। कंपनी ने इसके लिए उच्च ब्याज दर, बढ़ती आयात लागत और नकदी की कमी जैसे ऑटो ऋण बाजार को प्रभावित करने वाले मैक्रोइकॉनॉमिक हेडवांड्स को दोषी ठहराया।

मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक मार्टिन श्वेनक को उम्मीद है की तीसरी तिमाही में बिक्री में सुधार की हो सकता है। हालांकि उन्होंने भी बाजार की स्थितियों को चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद जताई है। भारत में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी पिछले तीन-चार वर्षों में औसतन 35 हजार से 40 हजार इकाइयों में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे छोटी है। 

उद्योग जगत के जानकारों को डर है कि बाजार एक दशक में विकास दर में सबसे बड़ी गिरावट की ओर है। कुछ लोग भारत स्टेज IV उत्सर्जन मानकों से बीएस-VI में अपग्रेड करने के प्रभाव के बारे में भी चिंतित हैं, क्योंकि प्रौद्योगिकी परिवर्तन से जुड़ी बढ़ी हुई लागत खरीदारों को हतोत्साहित कर सकती है।

कार अद्योग के लिए कठिन वर्ष
ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी ने कहा कि यह लग्जरी कार उद्योग के लिए कठिन वर्ष साबित हो रहा है और उन्हें उम्मीद है कि बाजार 2019 में घट जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च जीएसटी दर, उच्च उपकर और पेट्रोल में बदलाव भी विकास दर को प्रभावित करने वाले कारक हैं। बाजार को कुछ खोई जमीन वापस मिलनी चाहिए, लेकिन इसमें न्यूनतम 6 से 12 महीने लगेंगे।

गौरतलब है कि वोल्वो कार इंडिया ने पहली छमाही में 11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़त हासिल की, लेकिन उसे भी दूसरी छमाही कठिन में है। कंपनी के प्रबंध निदेशक चार्ल्स फ्रम्प ने कहा,'बाकी साल कठिन लग रहा है। हमें पिछले साल के नंबरों पर पहुंचकर खुशी होगी। यह निश्चित रूप से, एक अल्पकालिक घटना है और मुझे विश्वास है कि लग्जरी खंड एक उच्च विकास पथ पर वापस आ जाएगा।'

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