25 स्कूलों में नौकरी करने वाली महिला टीचर गिरफ्तार, 13 महीने में कमाए 1 करोड़ रुपए

Anamika Shukla Arrested: फर्जी तरीके से नौकरी करने के मामले में विवादों में आई शिक्षिका अनामिका शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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सांकेतिक फोटो (तस्वीर साभार- unsplash) 

मुख्य बातें

  • एक साथ 25 स्कूलों में पढ़ानी वाली शिक्षिका गिरफ्तार हो गई है
  • शिक्षिका ने यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग को चमका देकर नौकरी की
  • शिक्षिका ने पिछले 13 महीनों में एक करोड़ रुपए से अधिक वेतन लिया

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के 25 स्कूलों में एक साथ नौकरी करने का फर्जीवाड़ा करने वाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी शिक्षिका को कासगंज पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। अनामिका ने महीनों तक प्रदेश के अलग-अलग जिल के 25 स्कूलों में नौकरी करने की जालसाजी की। इस दौरान उसे सभी स्कूलों से सैलरी मिलती रही। 13 महीने में एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान हुआ। अनामिका ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग को चमका देकर आंबेडकरनगर, बागपत, अलीगढ़, सहारनपुर, प्रयागराज और अन्य स्थानों पर एक साथ काम किया।

ऐसे गिरफ्तार हुई शिक्षिका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अनामिका कासगंज जिले के कस्तूरबा विद्यालय फरीदपुर में विज्ञान की शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही थी। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर जिले में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका को तलाशा किया गया तो वह कस्तूरबा विद्यालय में मिली। शुक्रवार को बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) ने शिक्षिका के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था। यह नोटिस व्हाट्सएप पर भेजा गया था। शुक्रवार की शाम शिक्षिका ने इस नोटिस को देखा तो शनिवार सुबह को वह अपना इस्तीफा देने बीएसए दफ्तर के बाहर पहुंची। इसके बाद बीएसए अंजली अग्रवाल ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया। 

कैसे मामला सामने आया

महिला टीचर के फर्जी तरीक से नौकरी करने का मामला उस वक्त सामने आया जब शिक्षकों का एक डेटाबेस बनाया जा रहा था। मानव सेवा पोर्टल पर शिक्षकों के डिजिटल डेटाबेस में शिक्षकों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड, ज्वॉइनिंग डेट और पदोन्नति की तारीख की आवश्यकता होती है। एक बार रिकॉर्ड अपलोड होने के बाद यह सामने आया कि अनामिका शुक्ला, जिनसे जुड़ी जानकारियां एक ही हैं वो 25 स्कूलों में सूचीबद्ध है। यह आश्चर्य की बात है कि यूपी के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की रियल टाइम मॉनिटरिंग के बावजूद अनामिका शुक्ला ऐसा करने में सक्षम थीं।

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